Love Poem

hindi love poems | short poems about love

 दुःख उसका नहीं की उन्होंने समझा नहीं ,
दुःख इसका है की किसी और-सा समझा हमें
चाहत तो दीखाते है
पर लगता हे हमारी कोई परवाह नहीं
कहते है ..जिंदगी के राह चलो ...पर
पर जानते नहीं उनके सीवा हमारी कोई राह नहीं
वैसे तो वादों पे मर जाना हमारी फितरत है,
उसे निभाने के लिए हद से गुजर जाना हमारी फितरत है.
एक वादा उनसे बी किया था सायद न निभा पायें .....
पर ये उनकी मर्जी और हमारी किस्मत है
क्या इत्तेफ़ाक है .....
पर हसीं ख्वाब है.....
उम्मीद अब बी है .....
तुम्हारे मिलन को दिल बेताब है...
सनम ओ वदा किया था मैंने
पर तुम निभा दो ......
तोडो ना दिल मेरा ,,
यु वादा भी निभा दो
गर तुम चाहती हो
तोडना दिल मेरा
तो हक से तोड़ दो
पर याद रखना ............
आशियानां तुम्हारा भी टूटेगा
सोचना मत हम जी लेंगे तुम्हारे बिना
मत सोचना ना जियेंगे तुम्हारे बिना
पर इतना जरुर सोचना जाँ ..
ओ हालत मेरी ....
जब जियेंगे तेरे बीना .
दिल मेरा टूटे या बसे ये मर्जी हे तेरी ..
पर तेरा दिल ना टूटे ये रब से अर्जी हे मेरी ,,
गर आगे खुशियाँ हो मेरे नसीब में ...
ओ भी तुझे मिल जाये ,,
यही आरजू है मेरी...
यही आरजू है मेरी ..
काश तुम समझ पाते चाहत मेरी
काश तुम जान पाते हालत मेरी हालत मेरी
हक से कहता हू रो पड़ोगे तुम भी प्रिये
गर जम जाओगे उल्ल्फत मेरी
ऐ जन न ठुकरा प्यार मेरा
ना सोच ये कोई और पायेगा
ना तोड़ दील मेरा ...ये बसेरा हे तेरा
ना सोच यहाँ तक कोई और आ पायेगा,,
डर की स बात का है तुम्हे
कही मैं मुकर न जाऊ
भूल जाऊ गर तेरी मोहब्बत ...
भगवन करे दुनियां से गुजर जाऊ ......