love shayaris | hindi love shayari

February 28, 2012 Admin 0
तेरे लहजे की तलखियत से मैं परेशान रहता हूँ,

इस तर्ज़-इ-मोहोब्बत से मैं परेशान रहता हूँ,

दो पल के चैन से भी मैं मोहताज रहता हूँ,

अपनी रूह की हालत से मैं परेशान रहता हूँ,

जाने हर शाम क्यूँ उदासियो के साथ आती है,

कुछ इसी कशमकश में मैं परेशान रहता हूँ,

तेरे जाने से तेरी यादें न गयी है अब तलक,

तेरी यादों के काफिलों में मैं परेशान रहता हूँ,

उमीदें तो रवां है के कोई थम ही लेगा,

अपनी ही उमीदों से मैं परेशान रहता हूँ,

ख्वाबों के अंजुमन मैं, तारों के शमिअनों में,

मैं सो नहीं पता मैं परेशान रहता हूँ,

तेवर तेरे भी आजकल, अच्छे नहीं

इस बदले हुए चलन से मैं परेशान रहता हूँ।
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