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30 Crying Sms in Hindi | दर्द भरे एसएमएस | Sort Dard Hindi Shayari

समझौतों की भीड़-भाड़ में सबसे रिश्ता टूट गया;
इतने घुटने टेके हमने, आख़िर घुटना टूट गया;
देख शिकारी तेरे कारण एक परिन्दा टूट गया;
पत्थर का तो कुछ नहीं बिगड़ा, लेकिन शीशा टूट गया!

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आँखों की कतारों में पसरी नमी सी है,
आज सब कुछ है ज़िन्दगी में बस तुम्हारी कमी सी है।

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सौदा कुछ ऐसा किया है तेरे ख़्वाबों ने मेरी नींदों से,
या तो दोनों आते हैं, या कोई नहीं आता।

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संगदिलों(Heartless/Stonyhearted) की दुनिया है ये,
यहाँ सुनता नहीं फ़रियाद कोई;
यहाँ हँसते हैं लोग तभी, जब होता है बरबाद कोई!

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एक अज़ीब सा रिश्ता है मेरे और ख्वाहिशों के दरमियाँ,
वो मुझे जीने नही देतीं और मैं उन्हें मरने नही देता।

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कैसे छोड़ दूँ आखिर, तुमसे मोहब्बत करना,
तुम किस्मत में ना सही, दिल में तो हो!

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मिला के खाक में मुझको वो इस अंदाज़ में बोले,
मिट्टी का खिलौना था, कहाँ रखने के काबिल था।

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जी भरके रोते हैं तो करार मिलता है;
इस जहान में कहाँ सबको प्यार मिलता है;
जिंदगी गुजर जाती है इम्तिहानों के दौर से;
एक जख्म भरता है तो दूसरा तैयार मिलता है।

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निकले हम दुनिया की भीड़ में तो पता चला;
कि हर वह शख्स अकेला है जिसने मोहब्बत की है!

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ये कह कर खुदा ने कर दिया हर गुनाह से आज़ाद मुझे,
कि तू तो पहले से ही मोहब्बत किये बैठा है,
अब इस से बड़ी कोई और सजा मेरे पास नही।

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डूबी हैं मेरी उँगलियाँ मेरे ही खून में,
ये काँच के टुकड़ों पर भरोसे की सजा है।

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कितनी जल्दी थी उसको रूठ जाने की,
आवाज़ तक न सुनी दिल के टूट जाने की।

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बूँद बूँद टपकती हैं तेरी ज़ुल्फ़ों से बारिशें;
क़तरा क़तरा गिरती हैं मेरे छलनी दिल से ख़्वाहिशें।

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खुदा की इतनी बड़ी कायनात में मैंने,
बस एक शख्स को मांगा मुझे वही ना मिला।

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ऐसा नहीं कि दिल में तेरी तस्वीर नहीं थी,
पर हाथो में तेरे नाम की लकीर नहीं थी।

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कुछ दिल में, कुछ कागजों पर किस्से आबाद रहे;
कैसे भूले उन्हें, जो हर धडकनों में याद रहे!

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वो अक्सर मुझ से पूछा करती थी, तुम मुझे कभी छोड़ कर तो नहीं जाओगे,
आज सोचता हूँ कि काश मैंने भी कभी पूछ लिया होता।

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नाम उसका ज़ुबान पर, आते आते रुक जाता है;
जब कोई मुझसे मेरी, आखिरी ख्वाहिश पूछता है।

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सौ बार कहा दिल से कि भूल जा उसको,
हर बार दिल कहता है कि तुम दिल से नही कहते।

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न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की;
अब वजह नहीं मिलती मुस्कुराने की!

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फिर कभी नहीं हो सकती मोहब्बत सुना तुमने;
वो शख्स भी एक था और मेरा दिल भी एक!

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⁠⁠⁠मेरी शायरी को इतनी शिद्दत से ना पढा करो;
गलती से कुछ समझ आ गया तो बेमतलब उलझ जाओगे!

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और भी कर देता है दर्द में इज़ाफ़ा;
तेरे होते हुए गैरों का दिलासा देना!

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मेरी मौत पे किसी को अफ़सोस हो न हो ऐ दोस्त;
पर तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफर चला गया!

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किसी को इतना भी ना चाहो कि, भुलाना मुश्किल हो जाए;
क्योंकि जिंदगी, इन्सान, और मोहब्बत तीनो बेवफा है!

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किसी के जख़्म का मरहम, किसी के ग़म का इलाज़;
लोगों ने बाँट रखा है, मुझे दवा की तरह!

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जीतने का दिल ही नहीं करता अब मेरे दोस्त,
एक शख्स को जब से हारा हूँ मैं।

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इस तरह मिली वो मुझे सालों के बाद,
जैसे हक़ीक़त मिली हो ख्यालों के बाद,
मैं पूछता रहा उस से ख़तायें अपनी,
वो बहुत रोई मेरे सवालों के बाद।

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किस ख़त में लिख कर भेजूं अपने इंतज़ार को तुम्हें;
बेजुबां हैं इश्क़ मेरा और ढूंढता है ख़ामोशी से तुझे।

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मोहब्बत से, इनायत से, वफ़ा से चोट लगती है;
बिखरता फूल हूँ, मुझको हवा से चोट लगती है;
मेरी आँखों में आँसू की तरह इक रात आ जाओ,
तकल्लुफ़ से, बनावट से, अदा से चोट लगती है।
~ Bashir Badr

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हँस कर कबूल क्या करलीं सजाएँ मैंने,
ज़माने ने दस्तूर ही बना लिया, हर इलज़ाम मुझ पर लगाने का।

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जब तक था दम में दम न दबे आसमाँ से हम,
जब दम निकल गया तो ज़मीं ने दबा लिया।
~ Abid Jalalpuri

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चिलम को पता है अंगारों से आशिकी का अंजाम,
दिल में धुआँ और दामन में बस राख ही रह जाएगी।

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नींद भी नीलाम हो जाती है बाजार-ए-इश्क़ में,
इतना आसान भी नहीं किसी को भूल कर सो जाना।

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क़यामत के रोज़ फ़रिश्तों ने जब माँगा उससे ज़िन्दगी का हिसाब;
ख़ुदा, खुद मुस्कुरा के बोला, जाने दो, ‘मोहब्बत’ की है इसने।

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तजुर्बा एक ही काफी था बयान करने के लिए,
मैंने देखा ही नहीं इश्क़ दोबारा करके।

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मोहब्बत की तलाश में निकले हो तुम अरे ओ पागल,
मोहब्बत खुद तलाश करती है जिसे बर्बाद करना हो।