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15 august independence day sms in hindi

अब तक जिसका खून न खौला;
वो खून नहीं, वो पानी है;
जो देश के काम ना आये;
वो बेकार की जवानी है!
भारत माता की जय! 
नफरत बुरी है, न पालो इसे;
दिलो में खालिश है, निकालो इसे;
न तेरा, न मेरा, न इसका, न उसका;
ये सबका वतन है, संभालों इसे!
स्वतंत्रा दिवस की बधाई! 
नफरत बुरी है, न पालो इसे;
दिलो में खालिश है, निकालो इसे;
न तेरा, न मेरा, न इसका, न उसका;
ये सबका वतन है, संभालों इसे!
स्वतंत्रा दिवस की बधाई! 
आओ देश का सम्मान करें;
शहीदों की शहादत को याद करें;
एक बार फिर से राष्ट्र की कमान;
हम हिन्दुस्तानी अपने हाथ धरे;
आओ स्वंतंत्र दिवस का सम्मान करें! 

15 august independence day sms in hindi

आन देश की शान देश की, देश की हम संतान हैं;
तीन रंगों से रंगा तिरंगा, अपनी ये पहचान है!
15 अगस्त मुबारक! 
आजाद की कभी शाम नहीं होने देंगें;
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगें;
बची हो जो एक बूंद भी गरम लहू की;
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगें!
स्वतंत्रता दिवस की सभी को बधाई! 
ये बात हवायों को बताये रखना;
रोशनी होगी चिरागों को जलाये रखना;
लहू देकर जिसकी हिफ़ज़त की हमने;
ऐसे तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना!
स्वतंत्र दिवस का हार्दीक अभिनन्दन! 
वतन हमारा मिसाल मोहब्बत की;
तोड़ता है, दीवार नफरत की;
मेरी खुशनसीबी है, मिली ज़िन्दगी इस चमन में;
भुला न सके कोई खुशबु इसकी सातो जनम में!
स्वतंत्रता दिवस की बधाई!
15 august independence day sms in hindi fonts
चड़ गये जो हंसकर सूली;
खाई जिन्होने सीने पर गोली;
हम उनको प्रणाम करते हैं;
जो मिट गये देश पर;
हम सब उनको सलाम करते हैं!
स्वतंत्रता दिवस की बधाई! 
स्वाधीनता दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं
चमकती आखो में देखा था इक सपना
देश आजाद हो इक दिन अपना
सबके मन में एक ही बात थी समाई
हम करेंगे अपने प्राण देकर देश की अगुआई
देश के लिए कितनो ने जान की बाज़ी लगाई
जलियावाला बाग़ देगा इसकी गवाही
निकल पड़े बाँध सर पर कफ़न मतवाले
अंग्रेजो से लोहा ले देशपर प्राण न्योछावर कर डाले
15 august independence day sms in hindi
बापू भगत बोस बिस्मिल जैसे अनगिनत थे सिपाही
आज़ाद राजगुरु लक्ष्मीबाई मंगलपांडे जैसो ने भी आज़ादी की ज्योत जलाई
होठों पर था सबके बस एक यही नारा
अंग्रेजो भारत छोडो भारत देश आज़ाद हो हमारा
१५ अगस्त १९४७ को वह स्वर्णिम दिन आया
आज़ाद भारत में स्वाधीनता का तिरंगा फहराया
लहू में डूब रही है, फिजा-ए-अर्ज़-ए-वतन;
मैं किस जूँ से कहूं, "जशन-ए-आज़ादी मुबारक"! 
अगर दुश्मन करें आगाज़, तो हम अंजाम लिख
देंगे .....
लहू के रंग से इतिहास में संग्राम लिख देंगे ......
हमारी ज़िन्दगी पर तो वतन का ही है नाम
लिखा ....
अब अपनी मौत भी अपने वतन के नाम लिख
देंगे!!