Latest Good Night Sms Messages and Text Jokes For Your Friends

after d whole busy day some1 nice is waiting for U its ur bed it’s the time 2 get some nice dream have sound sleep & get ur dream
I wish tht u visualise a sweet multi sequential form of idiosyncrasy occurng benevolently in d meritorious piece of cerebral brain. In short,Good Night
MOON has come 2 colou ur dreams, STARS 2 make them musical and my SMS to give you warm and Peaceful Sleep. Gud Nite…Sweet Dreams..!
Night Is A Nice Gift, So Open d Gift By Closing ur Eyes U Will See d Another Wonderful World Waiting 4 u … Enjoy It wd Sweet Dreams …
I Called u 5 Times But d Line was Busy,So Plz Come In ur balcony,I'm Standing Outside ur Home My Name Is'MOON'.I Just Came 2 wish u..'A Sweet drems' good night.
Welcome aboard 2 "Sweet Dreams" airline, all passengers are requested to go on bed, hug ur pillows as the flight will be leaving soon 2 dream land. Enjoy ur time G'NITE!

Patriotic Hindi poems

जो भरा नहीं है भावों से जिसमें बहती रसधार नहीं। वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।
इसमें चंदा की शीतलता, इसी में सुन्दरता सर की। इसी में रामायण गीता, इसी में मोहम्मद और ईसा॥ ये भावों की अभिव्यक्ति, ये है देवों की भी वाणी। ...इसी में प्यार पिता का तो, इसी में लोरी भी माँ की॥ खान जो सूर-तुलसी की, वहीं दिनकर और अज्ञेय की। सइमें मर्यादा निराला की तो मादकता बच्चन की। इसमें मस्ति श्री हैं मन की, इसमें श्रद्धा भी है तन की। कथा ये राम और सीता की कथा ये कृष्ण और राधा की। सुनो खामोश गलियों में रहने वालो तुम सुन लो। हिन्दी भारत की भाषा है, और भारत वर्ष हमारा है॥ इसके सम्मान के खातिर, जंग करनी भी पड़ जाए। पीछे हटना यहां पर तो हमें अब नागवारा है॥ हिन्दी गंगा की धारा है, जो कर देती प्लावित तन मन। बिना इसके अचल निस्पंदन लगता है सारा-जीवन॥ ये तो वो आग है जिसमें, ढुलकते बिंदु हिमजल के। ये जो जलदों से लदा है गगन, ये फूलों से भरा है भुवन॥
प्यार के गीतो मे मै तुम्हे गाऊंगा 2:28 PM अब मै सूरज को नही डूबने दूंगा देखो मैने कंधे चौडे कर लिये हैं मुट्ठियाँ मजबूत कर ली हैं और ढलान पर एडियाँ जमाकर खडा होना मैने सीख लिया है ... घबराओ मत मै क्षितिज पर जा रहा हूँ सूरज ठीक जब पहाडी से लुढकने लगेगा मै कंधे अडा दूंगा देखना वह वहीं ठहरा होगा अब मै सूरज को नही डूबने दूंगा मैने सुना है उसके रथ मे तुम हो तुम्हे मै उतार लाना चाहता हूं तुम जो स्वाधीनता की प्रतिमा हो तुम जो साहस की मुर्ति हो तुम जो धरती का सुख हो तुम जो कालातीत प्यार हो तुम जो मेरी धमनी का प्रवाह हो तुम जो मेरी चेतना का विस्तार हो तुम्हे मै उस रथ से उतार लाना चाहता हूं रथ के घोडे आग उगलते रहें अब पहिये टस से मस नही होंगे मैने अपने कंधे चौडे कर लिये है। कौन रोकेगा तुम्हें मैने धरती बडी कर ली है अन्न की सुनहरी बालियों से मै तुम्हे सजाऊँगा मैने सीना खोल लिया है प्यार के गीतो मे मै तुम्हे गाऊंगा मैने दृष्टि बडी कर ली है हर आखों मे तुम्हे सपनों सा फहराऊंगा सूरज जायेगा भी तो कहाँ उसे यहीं रहना होगा यहीं हमारी सांसों मे हमारी रगों मे हमारे संकल्पों मे हमारे रतजगो मे तुम उदास मत होओ अब मै किसी भी सूरज को नही डूबने दूंगा