Category Archives: Corruption

india against corruption sms and quotes

जब एक है मंजिल तो फिर क्यूँ अलग अलग हो रास्ते
एक मैं भी वतन के वास्ते, एक तू भी वतन के वास्ते
बिखरे हुए सुरों को समेटकर एक नया साज़ लिख जाऊँगा
गूंजती रहेगी सदियों तक फिजाओं मैं एक रोज वो आवाज़ लिख जाऊँगा
लिखता हूँ गीत मुहब्बत के मगर करता हूँ ये वादा
लहू की हर एक बूंद से एक दिन इन्कलाब लिख जाऊँगा
भ्रष्टाचार विरोधी जज्बे को सलाम
भूचालों की मार सहन कर हम बड़े हुये....
इसीलिए खड़े सीना ताने चोड़ा अड़े हुये.....
खुद ब खुद हट जायेंगे, रोड़े राहों में पड़े हुये...
चलते रहें जब होकर द्रढ़संकल्पित पथ पर लड़े हुये
दिनेश गुप्ता 'दिन'
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India Against corruption poems

ठहरा हुआ है वक्त सदियों से, अब तो बदलना होगा
[ India Against corruption]
जल पड़ी चिंगारी को और सुलगना होगा....
बुझती राख के ढेरों को शोलों में बदलना होगा...
उबालो ज़रा लहू बदन का, थामों मशालें हाथों में....
ठहरा हुआ है वक्त सदियों से, अब तो बदलना होगा
फिर किसी गाँधी की आँखों में ख्वाबों को पलना होगा
फिर किसी दधिची की हड्डियों को गलना होगा......
वक्त नहीं श्रृंगारों का, पथ है अंगारों का.....
चलना होगा जलना होगा, जलना होगा चलना होगा
poem on corruption
दौर है ये पुकारों का, गूँज उठे जयकारों का
काँप उठे जर्रा जर्रा, सत्ता के गलियारों का
दुश्मन सीमा पर नहीं, घर के अन्दर बैठा है
काँप उठे रोम रोम अब देश के गद्दारों का
हो रहा चीरहरण अपने ही मौलिक अधिकारों का
बेमोल बिकते व्यर्थ शब्दों के व्यापारों का....
दौर नहीं फनकारों का, वक्त नहीं श्रृंगारों का....
गीत गुँजे जयकारों का, शोर उठे ललकारों का....
बहुत हुआ अपना अपना घर बार, माँ का प्यार दुलार
देश के बेटों अब तो घर से निकलना होगा.....
जल पड़ी चिंगारी को और सुलगना होगा....
ठहरा हुआ है वक्त सदियों से, अब तो बदलना होगा
दिनेश गुप्ता 'दिन'

India Against corruption

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