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सुविचार

Written by rsrajiv25. Posted in सुविचार

आलस्य में दरिद्रता का वास है, और
जो आलस्य नहीं करता है उसके
परिश्रम में लक्ष्मी बसती हैं।
 -तिरुवल्लुवर
किसी भी काम को खूबसूरती
से करने के लिए मनुष्य को
उसे स्वयं करना चाहिए।

-नेपोलियन  //सुविचार
शुरू में वह कीजिए जो आवश्यक है,
फिर वह जो संभव है और अचानक
आप पाएंगे कि आप तो वह कर रहे हैं
जो असंभव की श्रेणी में आता है।

-संत फ्रांसिस
हर बात में धीरजरखें, विशेषकर
अपने आप से। अपनी कमियों
को लेकर धैर्य न खोएं अपितु
तुरंतउनका समाधान करना शुरू
करें, हर दिन कर्म की नई शुरुआत है।

- सेन्ट फ्रांसिस दे सेल्स
जीवन सौंदर्य से परिपूर्ण है। इसे देखें, महसूस करें, पूरी तरह से जीएं, अपने सपने पूरे करने के लिए पूरी कोशिश करें।

-एशले स्मिथ
ईश्वर और आत्मा क्च भगवान मूर्तियों में नहीं है आपकी अनुभूति आपका ईश्वर है, आत्मा आपका मंदिर है।
रोशनी फैलाने के दो तरीके हैं, या तो दीपक बन जाएं या उसे प्रतिबिम्बित करने वाला दर्पण।

एडिथ व्हॉर्टन
दूसरों को खुशी देने वाला ही खुशहाल होता है, अपने से जुड़े हर छोटे-बड़े को अपने व्यवहार से खुश करने की आदत डालो।

-फिरोज बख्त अहमद
 इतने भगवान और इतने धर्म और इतनी घुमावदार राहें। सिर्फ करुणा की कला की जरूरत है इस दुखी संसार को। //सुविचार//

- एल्ला व्हीलर विलकौक्स
महान कवि हों, इसके लिए यह ज्यादा जरूरी है कि आप अच्छे श्रोता भी हों।

- वाल्ट व्हिटमेन
हमारा लेखन ऐसा नहीं होना चाहिए कि पाठक हमें समझ पाए, बल्कि ऐसा होना चाहिए कि वह किसी भी तरह हमें गलत न समझ जाए।

- क्विन्टिलीयन
 जब तक हम दूसरों के बारे में नहीं सोचते और उनके लिए कुछ नहीं करते हैं तब तक खुशियों के सबसे बड़े स्रोत को गंवाते हैं।

-रे लाइमन विलबूर

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