तु कहे तो आँसुओ से मोहब्बत लिख दुँ
चुमने के लिए झुक जायेगा ताजमहल भी
जीस जमीँ पर तेरा नाम लिख दुँ..!!

वो सो जाते है अकसर हमें याद किए बगैर ।
हमें नींद नहीं आती उनसे बात किए बगैर ।
कसूर उनका नहीं कसूर तो हमारा है ।
क्योंकि उन्हें चाहा भी तो उनकी ईजाजत लिए बगैर ।
कत्ल किया था जिसने
मेरी मासूम मुहब्बत का
वो बा-इज़्ज़त बरी है
और हम इश्क़ करके
सारे शहर के गुनहगार हो गये !!
जितनी चाहत है,उतना नाराज़ भी हू मै,
क्यों तेरे इंतज़ार में,यंहा आज भी हू मै,
तूम कोशिशें कर लो,मुझे भुलाने की सही,
पर तेरी धडकनों में कंही,आज भी हू मै,
ना मिटा सकोगी,मेरी यादों को दिल से,
तेरे दिल के किसी कोने में,आज भी हू मै,
बड़ी मुश्किल से बना हूँ टूट जाने के बाद,
मैं आज भी रो देता हूँ मुस्कुराने के बाद,
तुझ से मोहब्बत थी मुझे बेइन्तहा लेकिन,
अक्सर ये महसूस हुआ तेरे जाने के बाद।
जानते हो सब फिर भी अनजान बनते हो।,
इसी तरह रोज मुझे परेशान करते हो......
पूछते हो मुझसे कि तुमको क्या पसंद है ,
खुद जवाब होकर सवाल करते हो......
एक दिन जब हुआ प्यार का अहसास उन्हें,
वो सारा दिन आकर हमारे पास रोते रहे,
और हम भी इतने खुद गर्ज़ निकले यारों कि,
आँखे बंद कर के कफ़न में सोते रहे।
"हर मुलाकात पर वक्त का तकाज़ा हुआ..
हर याद पे दिल का दर्द ताजा हुआ..
सुनी थी सिर्फ हमने गज़लों मे जुदाई की बातें.. अब खुद पे बीती तो हकीकत का अंदाजा हुआ."
Taraste the jo hamse milne ko kabhi
Na jane q aaj mere saye se bhi wo katrate hain
Ham bhi wahi hain;dil bhi wahi hai;
Na jane q log badal jate hain….!
मुस्कुराते पलको पे सनम चले आते हैं,
आप क्या जानो कहाँ से हमारे गम आते हैं,
आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं,
जहाँ किसी ने कहा था,कि ठहरो हम अभी आते हैं………
खामोश हुये है जो लव, इश्क के फ़रेब में,
बेबस दिलजलों की,वही आवाज़ भी हू में,
दीवाने गाते है,मेरी गज़लों को शान से,
हाल-ए-दिल बयां करने का,अंदाज़ भी हू मै,
हकीक़त कहो तो उनको ख्वाब लगता है ..
शिकायत करो तो उनको मजाक लगता है
कितने सिद्दत से उन्हें याद करते है हम
और एक वो है...जिन्हें ये सब इत्तेफाक लगता है
Aaj Afsos Ho Raha Hai Apne
Haal-e-Zindagi Per..
Kash Kabhi Kisi Se Hadd Se
Ziada Mohabat Na Ki Hoti....